बिगड़ी हुई बनाने को तक़दीर आए हैं
हम लोग सुनने आयत ओ तफ़्सीर आए हैं
ज़ेरे किसा जब आ गया वो नूरे पंजतन
जिब्रील ले के आया ए तत्हीर आए हैं
तरतीब इस तरह से विलादत की बन गयी
पहले बहन तो बाद में शब्बीर आए हैं
बिगड़ी हुई बनाने को तक़दीर आए हैं
हम लोग सुनने आयत ओ तफ़्सीर आए हैं
ज़ेरे किसा जब आ गया वो नूरे पंजतन
जिब्रील ले के आया ए तत्हीर आए हैं
तरतीब इस तरह से विलादत की बन गयी
पहले बहन तो बाद में शब्बीर आए हैं