Aasiya Ke Hathon Pe Jo Hina Ki Lali Hai (Moh. Bagla Arshiya ki padosn)

आसिया के हाथों पे जो हिना की लाली है
नाज़िया ये कहती हैं हर अदा निराली है

नूर और नज़र दोनों इस ख़ुशी से रोते हैं
चेहरे पर ख़ुशी चमके आँखों में भी लाली है
आसिया के हाथों पे जो हिना की लाली है
नाज़िया ये कहती हैं हर अदा निराली है

दादा आज जन्नत से देखते हैं दुल्हन को
दादी की दुआओं ने क़िस्मतें सँवारी है
आसिया के हाथों पे जो हिना की लाली है
नाज़िया ये कहती हैं हर अदा निराली है

ताए ताई दुल्हन के सर पा हाथ रखते हैं
चाचा चाची दोनों ने खूब ही दुआ दी है
आसिया के हाथों पे जो हिना की लाली है
नाज़िया ये कहती हैं हर अदा निराली है

नानी आज जन्नत से ये नज़ारा करती हैं
नाना जान की गुड़िया आज कितनी प्यारी है
आसिया के हाथों पे जो हिना की लाली है
नाज़िया ये कहती हैं हर अदा निराली है

मामा मामी सबकी ही साथ में दुआएँ हैं
आज उनकी प्यारी की शादी होने वाली है
आसिया के हाथों पे जो हिना की लाली है
नाज़िया ये कहती हैं हर अदा निराली है

ख़ाला ख़ालू कहते हैं कि नसीब रोशन हो
आसिया की शादी की हर अदा निराली है
आसिया के हाथों पे जो हिना की लाली है
नाज़िया ये कहती हैं हर अदा निराली है

भाई बहने सब हँस कर रस्मों को निभाते हैं
नग़्मों की शरारत है और ख़ुशी की ताली है
आसिया के हाथों पे जो हिना की लाली है
नाज़िया ये कहती हैं हर अदा निराली है