जिन्हें यक़ीन है एक रोज़ आने वाले हैं
वो कान धरते नहीं हैं किसी कहानी पर
तुम्हारी जंग ने ईरान ये दिखाया है
अली के लाल का क़ब्ज़ा है अब भी पानी पर
जिन्हें यक़ीन है एक रोज़ आने वाले हैं
वो कान धरते नहीं हैं किसी कहानी पर
तुम्हारी जंग ने ईरान ये दिखाया है
अली के लाल का क़ब्ज़ा है अब भी पानी पर