अपने अंजाम से अनजान बने हैं लोगों
नारे दोज़क का वो सामान बने हैं लोगों
लब पे है नाम ए नबी, दिल में अली से नफरत
ऐसे काफिर भी मुसलमान बने हैं लोगों
अपने अंजाम से अनजान बने हैं लोगों
नारे दोज़क का वो सामान बने हैं लोगों
लब पे है नाम ए नबी, दिल में अली से नफरत
ऐसे काफिर भी मुसलमान बने हैं लोगों