Baat Niklegi to Phir Door Talak Jayegi

एक ही खाक को हासिल है शरफ़ सजदों का
जिस पे सजदों से इबादत भी महक जाएगी

ये ना पूछो के भला खाक में रख्खा क्या है
बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी