Madar-e-Fatima Khadija Hain

क्या कहूं तुमसे क्या खदीजा हैं
नूर-ए-राह-ए-हुदा खदीजा हैं

हम सर ए मुस्तफा खदीजा हैं
मादर ए फातिमा खदीजा हैं

दीन मोहसिन है मोमिनो सच है
दीन की मोह सिना खदीजा हैं

मालो दौलत लुटाई है दीं पर
अस्ल-ए-ख़ैर-ओ-अता ख़दीजा हैं

माल ही क्या, थी जान भी हाज़िर
अज़्म की इंतिहा ख़दीजा हैं

थी जो मूनिस नबी की हर लम्हा
नूर ए सब्र ओ रज़ा खदीजा हैं

इंतिहा ये ज़ुहैर अज़मत की
पहली जो मोमिना, खदीजा हैं