Hoton pa mere shahe khurasan ki sana hai

ये जश्न ए रज़ा जश्न ए रज़ा जश्न ए रज़ा है
इस जश्न में हर लम्हा इबादत का मज़ा है

लगता है मुझे हक़ में मेरे माँ की दुआ है
होटों पे मेरे शाहे खुरासां की सना है

बैअत का तलबगार हुआ फिर से ज़माना
ईरान भी इंकार ए हुसैनी पे डटा है

सेहरा हो तराई हो हवा हो के ज़मी हो
ईरान की हैबत का असर बोल रहा है

क्या हादसे दुनिया के डराएंगे ज़ुहैर अब
बाज़ू पा मेरे मौला का तावीज़ बंधा है