Noor ka silsila Hain Imam-e-Taqi A.S.

नूर का सिलसिला हैं इमाम ए तक़ी
दीन ए हक़ का पता हैं इमाम ए तक़ी

है तलब से सिवा जिनके दर की अता
ऐसा एक आसरा हैं इमाम ए तक़ी

हमको खुल्दे बरीं ये ही दिखलायेंगे
खुल्द का रास्ता हैं इमाम ए तक़ी

दीने हक़ का दिफ़ा और वो कम सिनी
दीन के पेशवा हैं इमाम ए तक़ी

इल्म से इनके रौशन जहाँ हो गया
हू-ब-हू मुर्तज़ा हैं इमाम-ए-तक़ी

ए खुदा रखना मेरी दुआ का भरम
इसमें कुल वास्ता हैं इमाम ए तक़ी